अगर आप नए ऑपरेटर,सुपरवाइजर हैं और HOF Based पर आधार नामांकन कर रहें तो इन बातों पर जरूर ध्यान दें .
बच्चों के ID proof, Adress proof नहीं रहने की स्थिति में हेड ऑफ़ फैमिली बेस्ड पर माता-पिता या अभिभावक का आधार साथ लगाकर राशन कार्ड, नरेगा कार्ड, ECHS,CGHS कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज़ के माध्यम से बच्चो का आधार बनाया जाता है।
ऐसे में बचें इन गलतियों को करने से -
***काफी ऑपरेटर बच्चे के माता का आधार लगाते है जिनमे बच्चे कि माता के आधार मे उनके पति का नाम अलग है और बच्चे के पिता का नाम अलग है, ऐसी स्थिति मे यह कार्ड relationship error के कारण रिजैक्ट हो जाते हैं ।
*** अगर माता का आधार लगा रहे हैं जिसमे माता के आधार मे उसकी उम्र 21 वर्ष है, और बच्चे की उम्र 4 वर्ष टाइप हो रही है । तो आधार एप्लीकेशन अस्वीकृत हो जायेगा। क्योंकि UIDAI किसी महिला को 18 वर्ष से पहले किसी की पत्नी या माँ बनाने की इजाजत नहीं देता ।सही है की उस बच्चे की माता, पिता की उम्र ज़्यादा है लेकिन आधार मे गलती से कम उम्र टाइप हो गया है लेकिन पहले बच्चों के माता -पिता या अभिभावक के आधार कार्ड मे जन्म तिथि अपडेट जरुरी है ।
इन पर ध्यान देकर क्वालिटी चेक रिपोर्ट मे आप असफल होने से बच सकते हैं और साथ ही कोड डी-एक्टिव या ब्लॉक होने से भी ।
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